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1. सबसे ताकतवर जड़ी बूटी है अशà¥à¤µà¤—ंधा
अगर अशà¥à¤µà¤—ंधा को सबसे ताकतवर जड़ी बूटी (sabse takatwar jadi buti) कहा जाठतो गलत नहीं होगा। अशà¥à¤µà¤—ंधा à¤à¤• पौधा हैं जिसकी जड़ व पतà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में से अशà¥à¤µ यानी घोड़े जैसी गंध आती है जिस वजह से इसे यह नाम दिया गया है। आमतौर पर अशà¥à¤µà¤—ंधा की जड़ को सà¥à¤–ाकर इसका पॉवडर बनाकर इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किया जाता है, जबकि इसके पतà¥à¤¤à¥‹à¤‚ व फूलों में à¤à¥€ कई पà¥à¤°à¤•ार के औषिधीय गà¥à¤£ होते हैं।
अशà¥à¤µà¤—ंधा में à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट, à¤à¤‚टीइंफà¥à¤²à¥‡à¤®à¥‡à¤Ÿà¤°à¥€, à¤à¤‚टीबैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² व à¤à¤‚टी सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¸ गà¥à¤£ पाठजाते हैं। आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ में अशà¥à¤µà¤—ंधा के कई लाठबताठगठहैं जिसमे से कà¥à¤› इस पà¥à¤°à¤•ार हैं।
यह à¤à¤• शकà¥à¤¤à¤¿à¤µà¤°à¥à¤§à¤• औषधि है जो शरीर की कमजोरी व दà¥à¤°à¥à¤¬à¤²à¤¤à¤¾ दूर करने में मदद करती है।
पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ की यौन कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ बढ़ाने और वीरà¥à¤¯ की गà¥à¤£à¤µà¤¤à¥à¤¤à¤¾ में सà¥à¤§à¤¾à¤° करने में सहायक है।
इसमें à¤à¤‚टी-सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¸ गà¥à¤£ होते हैं जो तनाव को दूर करने में मदद करते हैं।
इसके सेवन से नींद की गà¥à¤£à¤µà¤¤à¥à¤¤à¤¾ में सà¥à¤§à¤¾à¤° होता है।
अशà¥à¤µà¤—ंधा इमà¥à¤¯à¥‚निटी को à¤à¥€ बूसà¥à¤Ÿ करने में मदद करता है।
आंखों के सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥ के लिठबेहद फायदेमंद हैं।
इसके सेवन से हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ व मसलà¥à¤¸ à¤à¥€ मजबूत रहती है।
मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• के सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के लिठफायदेमंद है।
इसके अलावा तà¥à¤µà¤šà¤¾ व बालों के सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के लिठà¤à¥€ अशà¥à¤µà¤—ंधा के फायदे अचà¥à¤›à¥‡ हैं।
2. शकà¥à¤¤à¤¿à¤¶à¤¾à¤²à¥€ जड़ी बूटी है शतावरी
शतावरी का नाम à¤à¤²à¥‡ ही कम लोगों ने सà¥à¤¨à¤¾ होगा लेकिन यह à¤à¥€ सबसे शकà¥à¤¤à¤¿à¤¶à¤¾à¤²à¥€ जड़ी बूटि में से à¤à¤• है। इसे शतावर या सतमूल के नाम से à¤à¥€ जाना जाता है। इसका इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² सबà¥à¤œà¥€, सलाद, जूस आदि के रूप में किया जा सकता है जबकि बाजार में शतावरी का चूरà¥à¤£ व कैपà¥à¤¸à¥‚ल à¤à¥€ आपको आसानी से मिल जाà¤à¤—ा। आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ में शतावरी को ‘औषधियों की रानी’ à¤à¥€ कहा जाता है। महिलाओं के लिठयह बेहद लाà¤à¤•ारी जड़ी बूटियों में से à¤à¤• हैं। आइये इसके फायदों के बारे में जानते हैं।
शरीर की कमजोरी दूर करने में सहायक है।
मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ की रोकथाम के लिठबेहद उपयोगी है।
मूतà¥à¤° रोगों (यूटीआई) के लिठपà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¤¿à¤• दवा का काम करती है।
पीरियडà¥à¤¸ के दौरान होने वाले दरà¥à¤¦ को कम करने में सहायक है।
महिलाओं के अविकसित अंगों को विकसित करने में मददगार है।
गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं के लिठà¤à¥€ फायदेमंद जड़ी बूटी है।
मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• के सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के लिठबेहद लाà¤à¤•ारी है।
माइगà¥à¤°à¥‡à¤¨ व अनिदà¥à¤°à¤¾ के लिठकाफी उपयोगी है।
हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को मजबूत बनाने में सहायक है।
पाचन शकà¥à¤¤à¤¿ को मजबूत करने में सहायक है।
इमà¥à¤¯à¥à¤¨à¤¿à¤Ÿà¥€ को बूसà¥à¤Ÿ करती है।
3. रोग नाशक जड़ी बूटी है तà¥à¤²à¤¸à¥€
हिनà¥à¤¦à¥‚ धरà¥à¤® में तà¥à¤²à¤¸à¥€ के पौधे की बढ़ी ही मानà¥à¤¯à¤¤à¤¾ है और घर-घर इसकी पूजा की जाती है। लेकिन कà¥à¤¯à¤¾ आप जानते हैं की तà¥à¤²à¤¸à¥€ à¤à¤• औषधीय पौधा à¤à¥€ है, इसके पतà¥à¤¤à¥‹à¤‚ में औषधीय गà¥à¤£ होते हैं और कई बीमारियों में इनका इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किया जाता है। पतà¥à¤¤à¥‹à¤‚ के अलावा तà¥à¤²à¤¸à¥€ के बीज à¤à¥€ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के लिठबेहद फायदेमंद होते हैं। आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ में तà¥à¤²à¤¸à¥€ को रोग नाशक जड़ी बूटी माना जाता है, आइये इसके फायदे जानते हैं।
तà¥à¤²à¤¸à¥€ के पतà¥à¤¤à¥‡ सरà¥à¤¦à¥€, जà¥à¤•ाम व खांसी के लिठरामबाण दवा है।
तà¥à¤²à¤¸à¥€ के पतà¥à¤¤à¥‹à¤‚ का कड़ा बनाकर पीने से गले के दरà¥à¤¦ व सूजन में आराम मिलता है।
यह रोग पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ को मजबूत बनाने में मददगार होते हैं।
बà¥à¤–ार, सिर दरà¥à¤¦, मलेरिया व बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² संकà¥à¤°à¤®à¤£ जैसे रोगों के लिठà¤à¥€ तà¥à¤²à¤¸à¥€ के पतà¥à¤¤à¥‡ बेहद उपयोगी होते है।
तà¥à¤µà¤šà¤¾ संबंधी बहà¥à¤¤ सी समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं के लिठतà¥à¤²à¤¸à¥€ के पतà¥à¤¤à¥‹à¤‚ का उपयोग किया जाता है।
पथरी व मूतà¥à¤° रोगों के लिठà¤à¥€ तà¥à¤²à¤¸à¥€ के पतà¥à¤¤à¥‡ बेहद फायदेमंद होते हैं।
तà¥à¤²à¤¸à¥€ के बीज का उपयोग वजन कम करने के लिठकिया जा सकता है।
साथ ही यह कबà¥à¤œ को दूर करने व पाचन शकà¥à¤¤à¤¿ को मजबूत बनाने में à¤à¥€ सहायक होते हैं।
इसके अलावा तà¥à¤²à¤¸à¥€ के बीज शरीर की गरà¥à¤®à¥€ को दूर करने में à¤à¥€ काफी सहायक होते हैं।
4. अमृत समान है गिलोय
गिलोय à¤à¤• पà¥à¤°à¤•ार की बेल है जिसके पतà¥à¤¤à¥‡, जड़ व तना सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के लिठबेहद लाà¤à¤•ारी होते हैं, आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¤¿à¤• औषिधि के रूप में इनका उपयोग किया जाता है। आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ में गिलोय को अमृत के समान माना गया है जिस वजह से इसे “अमृता†के नाम से à¤à¥€ जाना जाता है। आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° गिलोय का उपयोग 100 से à¤à¥€ अधिक बीमारियों के उपचार में किया जा सकता है।
गिलोय सेहत के लिठकितनी लाà¤à¤•ारी है इस बात का अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं की यह वात, पितà¥à¤¤ और कफ तीनो दोषो को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करने में मदद कर सकती है, गिलोय के इस गà¥à¤£ के कारण इसे सबसे ताकतवर जड़ी बूटी (sabse takatwar jadi buti) कहना गलता नहीं होगा। गिलोय का उपयोग जूस व काढ़े के रूप में किया जा सकता है। जबकि बाजार में गिलोय सतà¥à¤µ व गिलोय टैबलेट à¤à¥€ उपलबà¥à¤§ है।
गिलोय इमà¥à¤¯à¥à¤¨à¤¿à¤Ÿà¥€ बढ़ाने में सहायक है।
बà¥à¤–ार में आराम पहà¥à¤à¤šà¤¾à¤¨à¥‡ में मददगार है।
डेंगू से बचाव करने में सहायक में सहायक है।
डायबिटीज को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करने में सहायक है।
गठिया रोग के लिठगिलोय के फायदे अचà¥à¤›à¥‡ हैं।
पाचन शकà¥à¤¤à¤¿ को मजबूत बनाने में मददगार है।
पेट की समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं के लिठबेहद उपयोगी है।
इसके अलावा तà¥à¤µà¤šà¤¾ के लिठà¤à¥€ गिलोय फायदेमंद होती है।
5. बà¥à¤°à¤¾à¤¹à¥à¤®à¥€ (Brahmi)
बà¥à¤°à¤¾à¤¹à¥à¤®à¥€ à¤à¤• पà¥à¤°à¤•ार का पौधा है जिसका उपयोग आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¤¿à¤• चिकितà¥à¤¸à¤¾ में वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ से किया जा रहा है। आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ में इसे मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• के लिठसबसे शकà¥à¤¤à¤¿à¤¶à¤¾à¤²à¥€ जड़ी-बूटी माना गया है। इसका उपयोग मà¥à¤–à¥à¤¯à¤¤à¤ƒ तीन तरीकों से किया जा सकता है 1) बà¥à¤°à¤¾à¤¹à¥à¤®à¥€ वटी, 2) बà¥à¤°à¤¾à¤¹à¥à¤®à¥€ चूरà¥à¤£ व 3) बà¥à¤°à¤¾à¤¹à¥à¤®à¥€ घृत। सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के लिठबà¥à¤°à¤¾à¤¹à¥à¤®à¥€ के फायदे इस पà¥à¤°à¤•ार हैं।
चिंता और तनाव दूर करने में सहायक है।
याददाशà¥à¤¤ बढ़ाने में मददगार है।
अनिदà¥à¤°à¤¾ की समसà¥à¤¯à¤¾ को दूर करने में à¤à¥€ काफी सहायक है।
रोग पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ मजबूत होती है।
मिरà¥à¤—ी रोग के लिठà¤à¥€ बà¥à¤°à¤¾à¤¹à¥à¤®à¥€ काफी फायदेमंद है।
डायबिटीज के लिठपà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ है।
इसके अलावा शà¥à¤µà¤¸à¤¨ संबंधी समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं के लिठà¤à¥€ बà¥à¤°à¤¾à¤¹à¥à¤®à¥€ का उपयोग फायदेमंद होता है।
6. गोखरू (Gokhru)
सबसे ताकतवर जड़ी बूटी के नाम (sabse takatwar jadi buti konsi hai) की लिसà¥à¤Ÿ में गोखरू à¤à¥€ शामिल है। गोखरू के पौधे के फल, पतà¥à¤¤à¥‡, तने और जड़ को आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¤¿à¤• औषिधि के रूप में इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किया जाता है। पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ की यौन शकà¥à¤¤à¤¿ बढ़ाने के लिठयह à¤à¤• शकà¥à¤¤à¤¿à¤¶à¤¾à¤²à¥€ जड़ी बूटी मानी जाती है जबकि इसके अनà¥à¤¯ लाठà¤à¥€ हैं, जनके बारे में नीचे बताया गया है।
मूतà¥à¤° रोग जैसे पेशाब में जलन, रà¥à¤•-रूक कर पेशाब आना आदि समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं के लिठबेहद फ़ायदेमदं है।
पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ में इरेकà¥à¤Ÿà¤² डिसफंकà¥à¤¶à¤¨ की समसà¥à¤¯à¤¾ को दूर करने में मदद करता है।
पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ की यौन शकà¥à¤¤à¤¿ को बढ़ाने में सहायक है।
टेसà¥à¤Ÿà¥‹à¤¸à¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‹à¤¨ को बूसà¥à¤Ÿ करता है।
इनफरà¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¤¿à¤Ÿà¥€ की समसà¥à¤¯à¤¾ के लिठउपयोगी है, पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ को सà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¨à¥‡ में मदद करता है।
सेहत बनाने के लिठà¤à¥€ गोखरू उपयोगी होता है यह मसलà¥à¤¸ को मजबूत बनाने में मदद करता है।
इसके अलावा तà¥à¤µà¤šà¤¾ के लिठà¤à¥€ यह काफी जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ फायदेमंद होता है।
7. शिलाजीत (Shilajit)
शिलाजीत सबसे शकà¥à¤¤à¤¿à¤¶à¤¾à¤²à¥€ आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¤¿à¤• जड़ी बूटि (sabse takatwar jadi buti) और खनिज पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ में से à¤à¤• है। यह पहाड़ों में पौधों और धातà¥à¤“ं के घटकों से मिलकर बनता है, इसे बनने में हजारों साल लग जाते है इसलिठयह काफी दà¥à¤°à¥à¤²à¤ à¤à¥€ है। जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° लोगों को लगता है की शिलाजीत केवल यौन शकà¥à¤¤à¤¿ बढ़ाने का ही कारà¥à¤¯ करता है लेकिन इसके कई अनà¥à¤¯ लाठà¤à¥€ हैं। आइये शिलाजीत के फायदे जानते हैं।
जोड़ों के दरà¥à¤¦ से राहत दिलाने में सहायक होता है।
हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ और मांसपेशियों को मजबूत बनाता है।
सà¥à¤ªà¤°à¥à¤® काउंट को बढ़ाने में मदद करता है।
यौन कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ को मजबूत बनाने में मदद करता है।
शरीर में à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ की कमी को दूर करने में सहायक है।
शरीर में ऊरà¥à¤œà¤¾ और सà¥à¤Ÿà¥ˆà¤®à¤¿à¤¨à¤¾ को बढ़ाता है।
इमà¥à¤¯à¥à¤¨à¤¿à¤Ÿà¥€ को बूसà¥à¤Ÿ करता है।
डायबिटीज को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ रखने में मदद करता है।
मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• के सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के लिठउपयोगी है।
साथ ही यह बढ़ती उमà¥à¤° के असर को à¤à¥€ कम करता है।
8. हलà¥à¤¦à¥€ (Turmeric)
अगर आपको लगता है की हलà¥à¤¦à¥€ का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² मसाले के रूप में केवल à¤à¥‹à¤œà¤¨ का सà¥à¤µà¤¾à¤¦ बढ़ाने के लिठà¤à¥€ किया जाता है तो फिर आप गलत हो सकते हैं। पà¥à¤°à¤šà¥€à¤¨ समय से ही आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ में हलà¥à¤¦à¥€ का उपयोग जड़ी बूटी के रूप में किया जा रहा है। कई बीमारियों के उपचार में हलà¥à¤¦à¥€ का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किया जाता है, इससे न सिरà¥à¤« शरीर की इमà¥à¤¯à¥à¤¨à¤¿à¤Ÿà¥€ बूसà¥à¤Ÿ होती है बलà¥à¤•ि तà¥à¤µà¤šà¤¾ के लिठà¤à¥€ हलà¥à¤¦à¥€ का उपयोग बेहद फायदेमंद होता है। इसके लाà¤à¥‹à¤‚ के बारे में विसà¥à¤¤à¤¾à¤° से जानते हैं।
हलà¥à¤¦à¥€ शरीर से विषैले पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ को दूर करने में मदद करती है।
इमà¥à¤¯à¥à¤¨à¤¿à¤Ÿà¥€ को बूसà¥à¤Ÿ करती है।
लिवर की सफाई करती है।
हृदय को सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रखती है।
डायबिटीज से बचाती है।
पाचन शकà¥à¤¤à¤¿ को मजबूत बनाने में मदद करती है।
अनिदà¥à¤°à¤¾ को दूर करने में सहायक है।
सरà¥à¤¦à¥€, खांसी व जà¥à¤•ाम से बचाती है।
गठिया के लिठफायदेमंद है।
सूजन कम करने में सहायक होती है।
शरीर को फà¥à¤°à¥€ रेडिकलà¥à¤¸ से बचाती है।
तà¥à¤µà¤šà¤¾ की चमक बढ़ाये।
कील-मà¥à¤‚हासों को दूर करने में सहायक है।
9. सफेद मूसली (Safed Musli)
सफेद मूसली की आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ में शकà¥à¤¤à¤¿à¤µà¤°à¥à¤§à¤• जड़ी बूटियों में गिनती होती है। आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ के अलावा यूनानी व à¤à¤²à¥‹à¤ªà¥ˆà¤¥à¤¿à¤• चिकितà¥à¤¸à¤¾ पदà¥à¤§à¤¤à¥€ में à¤à¥€ इसका उपयोग किया जाता है। इसका उपयोग मà¥à¤–à¥à¤¯ रूप से सà¥à¤Ÿà¥ˆà¤®à¤¿à¤¨à¤¾ और पावर बढ़ाने के लिठकिया जाता है, साथ ही इसके कà¥à¤› अनà¥à¤¯ फायदे à¤à¥€ हैं। सफेद मूसली की सेवन विधि की बात करे तो यह चूरà¥à¤£, पाउडर और पाक के रूप में बाजार में उपलबà¥à¤§ रहती है, चिकितà¥à¤¸à¤• की सलाह से इनमें से किसी का à¤à¥€ उपयोग किया जा सकता है। सफेद मूसली के फायदे इस पà¥à¤°à¤•ार हैं।
यौन शकà¥à¤¤à¤¿ को बढ़ाने में सहायक है।
टेसà¥à¤Ÿà¥‹à¤¸à¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‹à¤¨ को बूसà¥à¤Ÿ करती है।
शीघà¥à¤°à¤ªà¤¤à¤¨ के लिठउपयोगी है।
इरेकà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤² डिसफंकà¥à¤¶à¤¨ को दूर करने में सहायक है।
सà¥à¤ªà¤°à¥à¤® कà¥à¤µà¤¾à¤²à¤¿à¤Ÿà¥€ में सà¥à¤§à¤¾à¤° करता है।
शारीरिक कमजोरी और दà¥à¤°à¥à¤¬à¤²à¤¤à¤¾ को दूर करने में सहायक है।
मसलà¥à¤¸ को मजबूत बनाने में मदद करता है।
इमà¥à¤¯à¥à¤¨à¤¿à¤Ÿà¥€ को बूसà¥à¤Ÿ करता है।
तनाव को कम करने में सहायक है।
10. नीम (Neem)
सबसे ताकतवर जड़ी बूटी (sabse takatwar jadi buti) में नीम का नाम à¤à¥€ आता है। नीम अपने कड़वेपन और औषिधीय गà¥à¤£à¥‹à¤‚ के कारण जाना जाता है। यह रकà¥à¤¤ को शà¥à¤¦à¥à¤§ करने और शरीर से विषाकà¥à¤¤ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ को दूर करने में मददगार होता है साथ ही तà¥à¤µà¤šà¤¾ संबंधी रोगों के लिठà¤à¥€ नीम का उपयोग काफी लाà¤à¤ªà¥à¤°à¤¦ होता है। इसके अलावा à¤à¥€ नीम के कई फायदे हैं, जिनके बारे में नीचे बताया गया है।
नीम में à¤à¤‚टीबैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² गà¥à¤£ पाठजाते हैं जो बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² इंफेकà¥à¤¶à¤¨ के खतरे को कम करने में मददगार होते हैं।
नीम रकà¥à¤¤ की अशà¥à¤¦à¥à¤§à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को दूर करने में मदद करता है।
डायबिटीज की रोकथाम के लिठनीम का उपयोग फायदेमंद होता है।
पीलिया रोग के लिठनीम बेहद फायदेमंद माना जाता है।
पेट संबंधी समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं के लिठà¤à¥€ नीम का सेवन फ़ायदेमंद होता है।
कैंसर से बचाव करने में मदद करता है।
शरीर को विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ बीमारियों से दूर रखता है।
यह कील-मà¥à¤‚हासों को रोकने में मदद करता है।
तà¥à¤µà¤šà¤¾ में खाज-खà¥à¤œà¤²à¥€, घाव व रैशेज के लिठउपयोगी है।
नीम का तेल लगाने से डैंडà¥à¤°à¤« की समसà¥à¤¯à¤¾ कम होती है और बाल सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रहते हैं।
11. हरीतकी (Haritaki)
हरीतकी à¤à¥€ शकà¥à¤¤à¤¿à¤¶à¤¾à¤²à¥€ और ताकतवर जड़ी बूटी में से à¤à¤• है। इसके फल, छाल और जड़ का उपयोग कई आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¤¿à¤• दवाओं में किया जाता है, खासतौर पर इसका फल बेहद गà¥à¤£à¤•ारी है। तà¥à¤°à¤¿à¤«à¤²à¤¾ में à¤à¥€ हरीतकी का उपयोग होता है यह तà¥à¤°à¤¿à¤«à¤²à¤¾ के तीन फलों में से à¤à¤• है। पेट और पाचन संबंधी समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं के लिठइसे बेहद लाà¤à¤•ारी माना जाता है, आइये इसके फायदे जानते हैं।
पाचन शकà¥à¤¤à¤¿ को मजबूत बनाने में मददगार है।
कबà¥à¤œ और बवासीर की समसà¥à¤¯à¤¾ के लिठबेहद उपयोगी है।
छाती में जलन, à¤à¤¸à¤¿à¤¡à¤¿à¤Ÿà¥€ व खटी डकारों से राहत दिलाà¤à¥¤
उलà¥à¤Ÿà¥€ व दसà¥à¤¤ से à¤à¥€ राहत दिलाने में सहायक है।
असà¥à¤¥à¤®à¤¾ के लिठफायदेमंद होता है।
खांसी व जà¥à¤•ाम के लिठउपयोगी है।
तà¥à¤µà¤šà¤¾ के लिठà¤à¥€ हरीतकी बेहद लाà¤à¤•ारी है।
12. मà¥à¤²à¥‡à¤ ी (Mulethi)
मà¥à¤²à¥‡à¤ ी à¤à¥€ à¤à¤• बेहद गà¥à¤£à¤•ारी जड़ी बूटि है। इसके पौधे के तने की छाल को सà¥à¤–ाकर आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¤¿à¤• दवा के रूप में इसका उपयोग किया जाता है। सà¥à¤µà¤¾à¤¦ में यह हलà¥à¤•ी मीठी होती है। सरà¥à¤¦à¥€, खांसी, जà¥à¤•ाम और गले की खरास के लिठइसे बेहद फायदेमंद माना जाता है। इसके अलावा यह माइगà¥à¤°à¥‡à¤¨, मà¥à¤‚ह के छाले, हिचकी, मूतà¥à¤° में जलन व पेट के अलà¥à¤¸à¤° के लिठà¤à¥€ उपयोगी होती है।
13. मंजिषà¥à¤ ा (Manjistha)
सबसे ताकतवर जड़ी बूटी (sabse takatvar jadi buti konsi hai) में मंजिषà¥à¤ ा का नाम à¤à¥€ आता है। आपको बता दें की मजीठपौधे की जड़ को मंजिषà¥à¤ ा कहा जाता है। यह रकà¥à¤¤ को साफ करने और रकà¥à¤¤ में मौजूद विषाकà¥à¤¤ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ को दूर करने में काफी सहायक होता है जिससे कई पà¥à¤°à¤•ार की समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ ठीक होती है, खासकर तà¥à¤µà¤šà¤¾ संबंधी रोगों के लिठयह बेहद फायदेमंद माना जाता है।
इसके अलावा यह शरीर की पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ को मजबूत बनाने, डायबिटीज को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करने व महिलाओं को पीरियडà¥à¤¸ के दौरान होने वाले दरà¥à¤¦ को कम करने में à¤à¥€ काफी सहायक होता है। काढ़े व चूरà¥à¤£ के रूप में इसका उपयोग किया जा सकता है।
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